Damdaar HealthDamdaar Health
  • Diseases
  • Beauty
    • Hair Care
    • Skin Care
  • Fitness
    • Muscle Gain
    • Weight Loss
  • Intimate
    • Sexual Health
  • Nutritious
    • Recipes
    • Superfoods
  • News
  • Ayurveda
    • Herbs
  • Pregnancy
    • Conceiving
    • Infertility
Damdaar HealthDamdaar Health
  • Age Calculator
  • Hair Care
  • Skin Care
  • Diseases
  • Sexual Health
  • Superfoods
  • Herbs
  • Weight Loss
  • Muscle Gain
  • Pregnancy
  • Recipes
Search
  • Diseases
  • Beauty
    • Hair Care
    • Skin Care
  • Fitness
    • Muscle Gain
    • Weight Loss
  • Intimate
    • Sexual Health
  • Nutritious
    • Recipes
    • Superfoods
  • News
  • Ayurveda
    • Herbs
  • Pregnancy
    • Conceiving
    • Infertility
Follow US
  • About Us (हमारे बारे में)
  • Disclaimer (अस्वीकरण)
  • Privacy Policy
  • Term & Conditions
  • Contact
Copyright © 2024-25 | All Rights Reserved by Damdaar Health - Jai Maa Lakshmi Enterprises
- Advertisement -
Damdaar Health > Diseases & Conditions > पैकेट वाले नमकीन और चिप्स: कैसे प्रिज़र्वेटिव्स मिर्गी के दौरे को बढ़ावा दे सकते हैं ?
Diseases & Conditions

पैकेट वाले नमकीन और चिप्स: कैसे प्रिज़र्वेटिव्स मिर्गी के दौरे को बढ़ावा दे सकते हैं ?

क्या आपका पसंदीदा नमकीन या चिप्स आपकी नसों पर डाल रहा है बुरा असर? जानें MSG, सोडियम बेंजोएट जैसे प्रिज़र्वेटिव्स क्यों बढ़ाते हैं मिर्गी का रिस्क, और घर पर बनाएं हेल्दी स्नैक्स!

Last updated: 30/01/2025 at 5:18 अपराह्न
By Tejus Pratap - Health Content Writer
Share
7 Min Read
Contents
वो चटकारा जो सेहत पर भारी पड़ सकता हैप्रिज़र्वेटिव्स: लंबी शेल्फ लाइफ की कीमतमिर्गी और दिमाग की केमिस्ट्री: कनेक्शन क्या है?क्या कहती है रिसर्च?कैसे पहचानें सेफ स्नैक्स?मिर्गी के मरीजों के लिए डाइट टिप्सफूड इंडस्ट्री का रोल: जागरूकता की कमीआपकी किचन है बेस्ट सोल्यूशन!सवाल-जवाब: आपके संदेह दूर करते हैंनिष्कर्ष: स्वाद से ज्यादा जरूरी है सेहत

नमस्ते दोस्तों! आज हम बात करने वाले हैं उन चटपटे, कुरकुरे पैकेट वाले नमकीन और चिप्स की, जो हमारी टी-टाइम की जान होते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही मस्ती देने वाले स्नैक्स आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकते हैं? जी हाँ, खासकर उनमें मिलाए जाने वाले प्रिज़र्वेटिव्स (रासायनिक संरक्षक) की वजह से।

- Advertisement -

आज हम इसी बात को गहराई से समझेंगे कि कैसे ये केमिकल्स न सिर्फ हमारे पाचन तंत्र, बल्कि न्यूरोलॉजिकल हेल्थ को प्रभावित करते हैं, और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी के दौरों को ट्रिगर कर सकते हैं।

👉 मिर्गी के दौरे में भूल कर भी ना खाएं ये चीजें

वो चटकारा जो सेहत पर भारी पड़ सकता है

सोचिए, आप कोई मूवी देख रहे हैं या दोस्तों के साथ गपशप कर रहे हैं, और हाथ अपने-आप पैकेट वाले नमकीन या चिप्स की तरफ बढ़ जाता है। ये स्नैक्स इतने टेस्टी होते हैं कि एक बार खाना शुरू किया तो रुकना मुश्किल!

- Advertisement -

लेकिन इनकी लत का असर सिर्फ वजन बढ़ने या कोलेस्ट्रॉल तक ही सीमित नहीं है। इनमें मौजूद प्रिज़र्वेटिव्स हमारे दिमाग की नसों पर असर डालते हैं, और यही वजह है कि ये मिर्गी के मरीजों के लिए खासतौर पर खतरनाक साबित हो सकते हैं।

प्रिज़र्वेटिव्स: लंबी शेल्फ लाइफ की कीमत

प्रिज़र्वेटिव्स का मकसद होता है खाने को लंबे समय तक फ्रेश और सुरक्षित रखना। लेकिन ये केमिकल्स शरीर में जाकर क्या करते हैं? इनमें से कुछ, जैसे सोडियम बेंजोएट, एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूटामेट), आर्टिफिशियल कलर, और सल्फाइट्स, हमारे नर्वस सिस्टम को ओवरस्टिम्युलेट करते हैं।

यानी, दिमाग की नसों को अचानक से एक्टिव कर देते हैं, जिससे न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाएं) अनियंत्रित हो जाती हैं। मिर्गी के दौरे की स्थिति में यही अनियंत्रित एक्टिविटी खतरनाक हो सकती है।

- Advertisement -

कौन से प्रिज़र्वेटिव्स हैं खतरनाक?

  • सोडियम बेंजोएट (E211): यह प्रिज़र्वेटिव चिप्स और नमकीन में खूब इस्तेमाल होता है। रिसर्च बताती हैं कि यह न्यूरोटॉक्सिक हो सकता है और न्यूरॉन्स के कम्युनिकेशन में बाधा डालता है।
  • एमएसजी (E621): यह फ्लेवर बढ़ाने वाला केमिकल है। एमएसजी दिमाग में एक्साइटोटॉक्सिन का काम करता है, जो न्यूरॉन्स को ओवरएक्टिव कर देता है। इससे दौरे का रिस्क बढ़ सकता है।
  • आर्टिफिशियल कलर (जैसे टार्ट्राज़ीन E102): ये कलरिंग एजेंट्स बच्चों में हाइपरएक्टिविटी और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा करते हैं।
  • सल्फाइट्स (E220-228): ये प्रिज़र्वेटिव्स दिमाग में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं, जिससे न्यूरॉन्स डैमेज हो सकते हैं।

मिर्गी और दिमाग की केमिस्ट्री: कनेक्शन क्या है?

मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें दिमाग में अचानक बिजली की तरह करंट दौड़ने लगता है। इसकी वजह से शरीर के अंग अनियंत्रित हो जाते हैं, बेहोशी, या झटके आने लगते हैं। अब सवाल यह है कि प्रिज़र्वेटिव्स इस प्रोसेस को कैसे बढ़ावा देते हैं?

  • न्यूरोट्रांसमीटर का असंतुलन: प्रिज़र्वेटिव्स दिमाग में GABA (एक शांत करने वाला न्यूरोट्रांसमीटर) के लेवल को कम करते हैं और ग्लूटामेट (एक्साइटेटरी न्यूरोट्रांसमीटर) को बढ़ाते हैं। इस असंतुलन से न्यूरॉन्स ओवरएक्टिव हो जाते हैं।
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस: ये केमिकल्स फ्री रेडिकल्स बनाते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे मिर्गी के दौरे की संभावना बढ़ जाती है।
  • गट-ब्रेन एक्सिस: 70% से ज्यादा इम्यून सेल्स पेट में होती हैं। प्रिज़र्वेटिव्स गट बैक्टीरिया को डिस्टर्ब करके सूजन पैदा करते हैं, जो दिमाग तक पहुंचकर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं ट्रिगर कर सकता है।

क्या कहती है रिसर्च?

  • WHO की चेतावनी: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2021 की एक रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों में एमएसजी और सोडियम बेंजोएट के अत्यधिक इस्तेमाल को न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से जोड़ा है।
  • बच्चों पर असर: इंडियन जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, आर्टिफिशियल कलर वाले स्नैक्स खाने वाले बच्चों में मिर्गी के केस 30% ज्यादा पाए गए।
  • एनिमल स्टडीज: चूहों पर की गई स्टडीज में एमएसजी ने दौरे की फ्रीक्वेंसी 40% तक बढ़ा दी।

कैसे पहचानें सेफ स्नैक्स?

  • लेबल पढ़ने की आदत डालें: अगर इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में E नंबर (जैसे E211, E621) दिखे, तो समझ जाएं कि प्रिज़र्वेटिव्स मौजूद हैं।
  • प्राकृतिक विकल्प चुनें: हल्दी, नींबू का रस, या सिरका जैसे नेचुरल प्रिज़र्वेटिव्स वाले प्रोडक्ट्स ढूंढें।
  • घर के बने स्नैक्स: मूंगफली के चिवड़ा, भुने चने, या मखाने जैसे ऑप्शन्स हेल्दी और सेफ हैं।

मिर्गी के मरीजों के लिए डाइट टिप्स

  • मैग्नीशियम और विटामिन B6: ये न्यूरोट्रांसमीटर को बैलेंस करते हैं। केले, पालक, और अखरोट खाएं।
  • केटोजेनिक डाइट: कम कार्ब्स और हाई फैट वाली डाइट मिर्गी के दौरों को कंट्रोल करने में मददगार है।
  • प्रोसेस्ड फूड से दूरी: नमकीन, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स जैसे पैकेट फूड्स से परहेज करें।

फूड इंडस्ट्री का रोल: जागरूकता की कमी

दुर्भाग्य से, ज्यादातर कंपनियां प्रिज़र्वेटिव्स के नुकसान को छुपाकर प्रोडक्ट्स बेचती हैं। “नो प्रिज़र्वेटिव्स” या “ऑर्गेनिक” जैसे लेबल वाले प्रोडक्ट्स महंगे होते हैं, इसलिए आम लोग पैकेट वाले सस्ते स्नैक्स की तरफ आकर्षित होते हैं। सरकार को चाहिए कि सख्त गाइडलाइन्स बनाए और प्रिज़र्वेटिव्स के इस्तेमाल पर रोक लगाए।

आपकी किचन है बेस्ट सोल्यूशन!

क्यों न घर पर ही हेल्दी नमकीन बनाएं? चलिए शेयर करते हैं एक आसान रेसिपी:

मसाला मखाना:

  • कढ़ाई में घी गर्म करें।
  • मखाने को भूनें।
  • हल्का नमक, काली मिर्च, और अमचूर पाउडर डालकर मिक्स करें।
  • ठंडा होने पर एयरटाइट जार में स्टोर करें।

ये न सिर्फ टेस्टी हैं, बल्कि कैल्शियम और आयरन से भरपूर भी!

सवाल-जवाब: आपके संदेह दूर करते हैं

  • सवाल: क्या सभी प्रिज़र्वेटिव्स खराब होते हैं?
  • जवाब: नहीं! प्राकृतिक प्रिज़र्वेटिव्स जैसे नमक, चीनी, या सिरका सेफ हैं। खतरा सिंथेटिक केमिकल्स से है।
  • सवाल: क्या छोटी मात्रा में खाना भी नुकसानदायक है?
  • जवाब: अगर आपकी हेल्थ सेंसिटिव है, तो हाँ। वरना कभी-कभार खा सकते हैं।

निष्कर्ष: स्वाद से ज्यादा जरूरी है सेहत

अगली बार जब पैकेट वाला नमकीन खोलें, तो उस पर लिखे इंग्रेडिएंट्स जरूर चेक करें। याद रखें, सेहतमंद जीवन की शुरुआत आपकी प्लेट से होती है। थोड़ी सी सावधानी और होममेड स्नैक्स की आदत न सिर्फ मिर्गी, बल्कि कई बीमारियों से बचाएगी।

तो क्या आप तैयार हैं इस हेल्दी स्विच के लिए? नीचे कमेंट में बताएं कि आप प्रिज़र्वेटिव्स से कैसे बचते हैं! 😊

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link Print
Share
Leave a Comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent Posts

  • अजवाइन से भूख बढ़ाएं – जानें आसान और असरदार घरेलू उपाय!
  • अखरोट के तेल से हेयर लॉस रोकने के 5 आसान घरेलू उपाय
  • ठंडी तासीर वाले ड्राई फ्रूट्स: गर्मी से राहत और सेहत का खजाना
  • बायोटिन टैबलेट के उपयोग और फायदे: बाल, त्वचा और नाखून के लिए जादुई गोली
  • अजवाइन से शराब छुड़ाने का उपाय: एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान

Recent Comments

कोई टिप्पणी नही है।

Subscribe on Youtube

You Might Also Like

पाइल्स का इलाज
Diseases & ConditionsSexual Health

पाइल्स का इलाज: घरेलू नुस्खे, दवाएं और सर्जरी से छुटकारा पाएँ

7 महीना ago
शुगर में खजूर खाना चाहिए या नहीं
DiabetesDiseases & Conditions

शुगर में खजूर खाना चाहिए या नहीं? जानिए फायदे, नुकसान और सही तरीका

6 महीना ago
यूरिक एसिड के बढ़ने पर क्या करें, कैसे पता करें?
Diseases & Conditions

यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या करें? जानें लक्षण, टेस्ट और असरदार घरेलू उपाय

8 महीना ago
शुगर में चावल खायें या न खायें
Diabetes

शुगर में चावल खाना चाहिए या नहीं? चावल और डायबिटीज के बीच कनेक्शन समझें

6 महीना ago
Damdaar HealthDamdaar Health
Follow US
Copyright © 2024-25 | All Rights Reserved by Damdaar Health - Jai Maa Lakshmi Enterprises
  • About Us (हमारे बारे में)
  • Disclaimer (अस्वीकरण)
  • Privacy Policy
  • Term & Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?